मध्य प्रदेश के रीवा जिले से स्वास्थ्य विभाग को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। रीवा मेडिकल कॉलेज के एक चर्चित कार्डियोलॉजिस्ट का कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। सामने आए इस वीडियो के बाद से अस्पताल की व्यवस्थाओं और डॉक्टरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।
घटना का विवरण और वीडियो की समय सीमा
सामने आए इस वीडियो में अस्पताल के भीतर का एक सेटअप साफ तौर पर नजर आ रहा है। वीडियो में दिख रही फुटेज किसी खुफिया कैमरे द्वारा रिकॉर्ड की गई प्रतीत होती है। वायरल फुटेज में 17 जून 2025 की तारीख और रात 11:38 बजे का समय दर्ज है। वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर इस तरह के वीडियो अस्पताल परिसर के भीतर कैसे रिकॉर्ड हुए और इसके पीछे किसकी संलिप्तता है।
डॉक्टर का पुराना विवाद और पारिवारिक पृष्ठभूमि
यह पहला मौका नहीं है जब संबंधित कार्डियोलॉजिस्ट विवादों के घेरे में आए हैं। इससे लगभग 6 महीने पहले भी यह डॉक्टर अपने निजी जीवन और पारिवारिक विवाद को लेकर शहर भर में चर्चा का विषय बने थे। उस दौरान उनकी पत्नी ने उन्हें कथित तौर पर एक महिला मित्र के साथ बीच बाजार पकड़ लिया था। उस घटना के दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ था और महिला मित्र की पिटाई किए जाने का मामला भी सामने आया था। अब एक बार फिर से इस नए वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद डॉक्टर की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और कांग्रेस का कड़ा रुख
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी भूचाल आ गया है। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की सुरक्षा पर बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने बयान देते हुए कहा कि रीवा के अस्पतालों में आज बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और आए दिन मरीजों की लापरवाही से मौत होने की खबरें सामने आती रहती हैं।
कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि क्या इस तरह के डॉक्टरों ने अब पॉर्न इंडस्ट्री की शुरुआत कर दी है, क्योंकि वीडियो को देखकर तो ऐसा ही प्रतीत होता है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में एक निजी अस्पताल को अनैतिक गतिविधियों के आरोप में सीज किए जाने का हवाला देते हुए पूछा कि क्या अब सरकारी अस्पतालों में भी इसी तरह के कृत्य हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि 17 जून की मोबाइल लोकेशन की तकनीकी जांच की जाए ताकि इस पूरे मामले से पर्दा उठ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मेडिकल कॉलेज में मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं और दूसरी तरफ डॉक्टर इन हरकतों में व्यस्त हैं।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
मामले के तूल पकड़ने के बाद रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर गर्ग ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं और आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले चिकित्सक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह पुष्टि करना है कि यह वीडियो वास्तव में किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया था, इसकी प्रामाणिकता क्या है और इसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति कौन है। फिलहाल संबंधित चिकित्सक की तरफ से इस मामले में कोई भी आधिकारिक पक्ष या बयान सामने नहीं आया है। जांच टीम अब वीडियो की तारीख, समय, लोकेशन और तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके।


