बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए नए चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ का सीधा प्रभाव अब मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र पर दिखने लगा है। मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, इस चक्रवात के चलते नमी भरी हवाएं सीधे विंध्य की ओर रुख कर रही हैं, जिसके कारण रीवा और सतना समेत आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बुधवार की सुबह से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है और ठंडी हवाएं चलने से सिहरन महसूस होने लगी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम के गुजरने के बाद इलाके में ठंड का असर और ज्यादा तेज हो जाएगा।
रीवा और सतना में कैसा रहेगा अगले तीन दिनों का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच रीवा और सतना संभाग के कई हिस्सों में घने बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान केवल आसमान में बादलों का डेरा ही नहीं रहेगा, बल्कि कुछ चुनिंदा स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश भी हो सकती है। चक्रवाती तूफान के प्रभाव से निचले वायुमंडल में नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिससे बादलों के बरसने के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इस वेदर डिस्टर्बेंस की वजह से धूप की तेजी कम होगी, जिससे अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमानों में सामान्य से दो से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पूर्वी हवाओं ने बढ़ाई ठंडक: तापमान में दर्ज हुई गिरावट
चक्रवात के प्रभाव से पहले ही विंध्य अंचल में पूर्वी हवाओं का डेरा है। मंगलवार को चली इन नम हवाओं के कारण रीवा और सतना में दिन व रात के पारे में लगभग एक डिग्री सेल्सियस की कमी रिकॉर्ड की गई। सतना जिले में कल अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।सुबह के समय हवा में नमी 71 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो धूप खिलने के बाद शाम होते-होते घटकर 38 प्रतिशत पर आ गई। इस नमी और हवा के मेल ने मौसम में हल्की सिहरन घोल दी है।
सुबह और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव और ठिठुरन
अगले कुछ दिनों तक बादलों के छाए रहने और बारिश की संभावना के चलते रीवा-सतना अंचल के लोगों को अब गुलाबी ठंड की जगह अच्छी खासी ठंड का अहसास होने लगेगा। दिन में राहत, रात में ठिठुरन: बादलों की वजह से दिन के तापमान में तो गिरावट आएगी ही, साथ ही रात के समय तापमान और नीचे लुढ़केगा।
सुबह के वक्त सड़कों पर हल्का कोहरा या धुंध जैसी स्थिति भी बन सकती है, जो इस बात का संकेत है कि अब सर्दियों ने विंध्य में अपनी जड़े मजबूत करना शुरू कर दिया है।


