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October 29, 2026 4:52 am

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रीवा में समदड़िया बिल्डर के 70 लाख का फ्लैट लेकर पछता रहे लोग! न सुरक्षा ना सुविधाएं, मेंटेनेंस के नाम पर डकारे 2 करोड़, बदबूदार नालियों और बंद लिफ्ट में रहने को मजबूर हुए लोग

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विंध्य की हृदयस्थली रीवा के बाल भारती स्कूल के ठीक सामने निर्मित समदड़िया गोल्ड प्रोजेक्ट आज अपनी बदहाली और घटिया व्यवस्थाओं के लिए सुर्खियों में है। आलीशान जिंदगी, विश्वस्तरीय सुविधाओं और आधुनिक शॉपिंग मॉल का सब्जबाग दिखाकर यहां लोगों को 70-70 लाख रुपये में लग्जरी फ्लैट बेचे गए थे। लेकिन आज स्थिति यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करके आशियाना खरीदने वाले लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत बने इस मॉल, कॉम्प्लेक्स और फ्लैट परिसर में सफाई व्यवस्था से लेकर बुनियादी सुरक्षा तक सब कुछ ध्वस्त हो चुका है। जिस प्रोजेक्ट को रीवा की शान बताया गया था, वह आज रहवासियों के लिए किसी बुरे सपने जैसा बन गया है।

लिफ्ट हादसे में बुजुर्ग की अटकी जान: 1 घंटे तक बेहोश रहे प्रमोद जैन
शनिवार की सुबह 7:30 बजे समदड़िया गोल्ड परिसर में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। रहवासी सौम्या जैन के बुजुर्ग पिता प्रमोद जैन जब इमारत की लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहे थे, तभी अचानक लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। बुजुर्ग प्रमोद जैन करीब 1 घंटे तक बंद लिफ्ट के भीतर जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। जब परिजनों और आसपास के लोगों ने बिल्डर के स्टाफ और मैनेजमेंट से मदद की गुहार लगाई, तो किसी ने भी तुरंत एक्शन नहीं लिया। आरोप है कि सहायता करने के बजाय उलटे धमकियां दी गईं। एक अनजान युवक बना देवदूत: जब प्रबंधन से कोई मदद नहीं मिली, तो वहीं मौजूद एक बाहरी लड़के ने हिम्मत दिखाकर लिफ्ट के दरवाजे को आंशिक रूप से खोला। अंदर बुजुर्ग प्रमोद जैन बेहोश पड़े हुए थे। उन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार दिया गया।

मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों की उगाही: 2 लाख रुपये लेने के बाद भी बेहाली
समदड़िया गोल्ड के पीड़ितों ने खुलासा किया कि बिल्डर द्वारा लगभग 100 फ्लैट मालिकों से मेंटेनेंस के नाम पर 2-2 लाख रुपये की मोटी रकम अग्रिम जमा कराई गई थी। इस हिसाब से करीब 2 करोड़ रुपये का मेंटेनेंस फंड जमा किया गया। रहवासियों का आरोप है कि इस 2 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट से हर महीने भारी-भरकम ब्याज कमाया जा रहा है, लेकिन लिफ्ट सुधारने, सफाई कराने या सीवरेज प्रबंधन पर एक पैसा खर्च नहीं किया जा रहा। पिछले 4 सालों से लिफ्ट खराब होने और बेसमेंट में गंदा पानी भरने की लगातार शिकायतें की जा रही हैं। सीवरेज का पानी जमा रहने से बीमारियां फैलने का डर है, लेकिन डायरेक्टर अजीत समदड़िया और उनकी टीम कोई सुनवाई नहीं कर रही है।

महिलाओं और लड़कियों के लिए कितना असुरक्षित हो चुका है यह लग्जरी परिसर?
लाखों रुपये खर्च करके फ्लैट खरीदने वाले परिवारों की सुरक्षा अब पूरी तरह राम भरोसे है। रहवासियों ने पुलिस को दी शिकायत में स्पष्ट बताया है कि समदड़िया गोल्ड का परिसर अब आवारा और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। परिसर में आए दिन असामाजिक तत्व डेरा जमाए रहते हैं। आने-जाने वाली महिलाओं और लड़कियों के साथ फब्तियां कसने और छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। इतने बड़े आवासीय और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। जब भी निवासी इसकी शिकायत करते हैं, तो बिल्डर के गुर्गे उन्हें डराने-धमकाने पर उतारू हो जाते हैं।

 

अमहिया थाने में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर और प्रशासनिक शिकायत
इस दर्दनाक हादसे और लगातार हो रही उपेक्षा से आजिज आकर समदड़िया गोल्ड के पीड़ित निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। एकजुट होकर निवासियों ने अमहिया थाना पहुंचकर समदड़िया बिल्डर के डायरेक्टर अजीत समदड़िया और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बिल्डर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी ज्ञापन देकर मांग की गई है कि आम जनता की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने वाले बिल्डर के लाइसेंस की जांच की जाए और रहवासियों को उनका वाजिब हक दिलाया जाए।

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